
पलक को झपकने न दो की आंसुओ का बाँध न टूट जाये
हो न इतना निराश की उम्मीद का दमन छूट जाये,
हो न इतना निराश की उम्मीद का दमन छूट जाये,
रुक मत की रहनुमा-इ -जुस्तजू मजिल तक ले जाएगी,
हौसला रहा तो फलक चुनी की ख्वाइश भी पूरी हो जाएगी,
सा-ओब्ते हालात ख्वाबों की उड़ान को रोक न पाएंगे,
लक्ष्य के मजनूँ इंसान ही लक्ष्य को पाएंगे .
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